• बलराम कृषि महोत्सव की शुरुआत : अब खेतों तक पहुंचेगी नई सोच और नई तकनीक

    PRAVEEN ARONDEKAR   - नीमच
    बलराम कृषि महोत्सव की शुरुआत
    कृषि   - नीमच[15-07-2026]
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    Balram Krishi Mahotsav 2026: Modern Farming की नई शुरुआत

    मालवांचल मित्र, इंदौर: मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को "कृषक कल्याण वर्ष" घोषित किया है और इसी पहल के तहत आज यानी 15 जुलाई से पूरे प्रदेश में बलराम कृषि महोत्सव का आगाज़ हो रहा है। इसकी राज्य स्तरीय शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर 2 बजे इंदौर से करेंगे। मुख्य आयोजन लक्ष्मीबाई नगर स्थित अनाज मंडी में होगा, जहां बड़ी संख्या में किसान शामिल होंगे।

    यह महोत्सव केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि खेती को नई दिशा देने की कोशिश है। आज खेती सिर्फ मेहनत का नहीं, बल्कि सही जानकारी और आधुनिक तकनीक का भी खेल बन चुकी है। ऐसे में यह आयोजन किसानों को बदलते दौर के साथ कदम मिलाने का मौका देगा।

     

     

    महोत्सव में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और अन्य संबंधित विभाग अपनी योजनाओं और नई तकनीकों की प्रदर्शनी लगाएंगे। यहां किसान उन्नत बीज, आधुनिक कृषि उपकरण, प्राकृतिक और जैविक खेती की विधियां, फसल विविधीकरण, नई उत्पादन तकनीकों और बाजार आधारित कृषि मॉडल के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे।

    सबसे खास बात यह रहेगी कि किसानों को कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से सीधे बातचीत करने का अवसर मिलेगा। कई बार खेत की छोटी-सी समस्या किताबों से नहीं, बल्कि विशेषज्ञ की एक सलाह से हल हो जाती है। यही इस महोत्सव की सबसे बड़ी ताकत है।

    कार्यक्रम में जिले के प्रगतिशील और उत्कृष्ट किसानों का सम्मान भी किया जाएगा। यह सम्मान सिर्फ पुरस्कार नहीं, बल्कि उन किसानों के अनुभवों को दूसरों तक पहुंचाने का माध्यम भी बनेगा। आखिर अच्छी खेती की सबसे भरोसेमंद सीख अक्सर दूसरे किसान से ही मिलती है।

     

     

    कुल मिलाकर, बलराम कृषि महोत्सव का उद्देश्य खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और आधुनिक बनाना है। यदि किसान यहां मिली जानकारी को अपने खेतों तक ले जाते हैं, तो इसका असर केवल उत्पादन पर नहीं, बल्कि उनकी आय और भविष्य पर भी दिखाई देगा।

    इधर, इंदौर में बिजली आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों के समाधान में भी तेजी देखने को मिली है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अनुसार पिछले 24 घंटे में ऊर्जस ऐप के माध्यम से 149 शिकायतों का त्वरित निराकरण किया गया। इसके अलावा व्हाट्सएप चैटबॉट, व्हाट्सएप नंबर और सोशल मीडिया के जरिए प्राप्त शिकायतों का भी समाधान किया गया। कंपनी का कहना है कि उपभोक्ता शिकायतों की रोजाना समीक्षा की जा रही है ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके।

    खेती अब केवल मौसम के भरोसे नहीं चलती, बल्कि जानकारी, तकनीक और सही फैसलों पर भी टिकती है। बलराम कृषि महोत्सव जैसी पहल तभी सफल मानी जाएगी, जब इसकी बातें मंच से उतरकर सीधे खेत तक पहुंचें। क्योंकि आखिरकार किसान को भाषण नहीं, ऐसी जानकारी चाहिए जो उसकी फसल और आमदनी—दोनों को बेहतर बना सके।



  • बलराम कृषि महोत्सव की शुरुआत : अब खेतों तक पहुंचेगी नई सोच और नई तकनीक

    PRAVEEN ARONDEKAR   - नीमच
    बलराम कृषि महोत्सव की शुरुआत
    कृषि   - नीमच[15-07-2026]

     

    Balram Krishi Mahotsav 2026: Modern Farming की नई शुरुआत

    मालवांचल मित्र, इंदौर: मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को "कृषक कल्याण वर्ष" घोषित किया है और इसी पहल के तहत आज यानी 15 जुलाई से पूरे प्रदेश में बलराम कृषि महोत्सव का आगाज़ हो रहा है। इसकी राज्य स्तरीय शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर 2 बजे इंदौर से करेंगे। मुख्य आयोजन लक्ष्मीबाई नगर स्थित अनाज मंडी में होगा, जहां बड़ी संख्या में किसान शामिल होंगे।

    यह महोत्सव केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि खेती को नई दिशा देने की कोशिश है। आज खेती सिर्फ मेहनत का नहीं, बल्कि सही जानकारी और आधुनिक तकनीक का भी खेल बन चुकी है। ऐसे में यह आयोजन किसानों को बदलते दौर के साथ कदम मिलाने का मौका देगा।

     

     

    महोत्सव में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और अन्य संबंधित विभाग अपनी योजनाओं और नई तकनीकों की प्रदर्शनी लगाएंगे। यहां किसान उन्नत बीज, आधुनिक कृषि उपकरण, प्राकृतिक और जैविक खेती की विधियां, फसल विविधीकरण, नई उत्पादन तकनीकों और बाजार आधारित कृषि मॉडल के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे।

    सबसे खास बात यह रहेगी कि किसानों को कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से सीधे बातचीत करने का अवसर मिलेगा। कई बार खेत की छोटी-सी समस्या किताबों से नहीं, बल्कि विशेषज्ञ की एक सलाह से हल हो जाती है। यही इस महोत्सव की सबसे बड़ी ताकत है।

    कार्यक्रम में जिले के प्रगतिशील और उत्कृष्ट किसानों का सम्मान भी किया जाएगा। यह सम्मान सिर्फ पुरस्कार नहीं, बल्कि उन किसानों के अनुभवों को दूसरों तक पहुंचाने का माध्यम भी बनेगा। आखिर अच्छी खेती की सबसे भरोसेमंद सीख अक्सर दूसरे किसान से ही मिलती है।

     

     

    कुल मिलाकर, बलराम कृषि महोत्सव का उद्देश्य खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और आधुनिक बनाना है। यदि किसान यहां मिली जानकारी को अपने खेतों तक ले जाते हैं, तो इसका असर केवल उत्पादन पर नहीं, बल्कि उनकी आय और भविष्य पर भी दिखाई देगा।

    इधर, इंदौर में बिजली आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों के समाधान में भी तेजी देखने को मिली है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अनुसार पिछले 24 घंटे में ऊर्जस ऐप के माध्यम से 149 शिकायतों का त्वरित निराकरण किया गया। इसके अलावा व्हाट्सएप चैटबॉट, व्हाट्सएप नंबर और सोशल मीडिया के जरिए प्राप्त शिकायतों का भी समाधान किया गया। कंपनी का कहना है कि उपभोक्ता शिकायतों की रोजाना समीक्षा की जा रही है ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके।

    खेती अब केवल मौसम के भरोसे नहीं चलती, बल्कि जानकारी, तकनीक और सही फैसलों पर भी टिकती है। बलराम कृषि महोत्सव जैसी पहल तभी सफल मानी जाएगी, जब इसकी बातें मंच से उतरकर सीधे खेत तक पहुंचें। क्योंकि आखिरकार किसान को भाषण नहीं, ऐसी जानकारी चाहिए जो उसकी फसल और आमदनी—दोनों को बेहतर बना सके।

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