• खेल : लक्ष्य सेन की हार से शुरू हुई कहानी, जीत पर खत्म हुई! पहले गेम में फिसले, फिर पलट दिया पूरा मुकाबला

    PRAVEEN ARONDEKAR   - नीमच
    खेल
    खेल   - नीमच[19-08-2026]
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    मालवांचल मित्र, नई दिल्ली | BWF World Championships 2026: ऑस्ट्रिया के कॉलिन्स फिलिमोन ने पहले गेम में चौंकाया, लेकिन लक्ष्य सेन ने जबरदस्त वापसी करते हुए 16-21, 21-8, 21-4 से जीता मुकाबला

    नई दिल्ली में बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप चल रही है और भारतीय खिलाड़ियों से देश को बड़ी उम्मीदें हैं। मंगलवार को कोर्ट पर उतरे भारत के स्टार शटलर लक्ष्य सेन ने शुरुआत में जरूर अपने प्रशंसकों की धड़कनें बढ़ा दीं, लेकिन आखिर में वही हुआ जिसकी उम्मीद भारतीय दर्शक कर रहे थे।

    लक्ष्य सेन ने ऑस्ट्रिया के कॉलिन्स वैलेंटाइन फिलिमोन को तीन गेम तक चले मुकाबले में 16-21, 21-8, 21-4 से हराकर टूर्नामेंट के अगले दौर में जगह बना ली।

    दिलचस्प बात यह रही कि मैच की शुरुआत लक्ष्य के पक्ष में बिल्कुल नहीं गई। पहले गेम में फिलिमोन ने भारतीय खिलाड़ी को कड़ी टक्कर दी और आखिरकार गेम अपने नाम कर लिया।

    कुछ देर के लिए ऐसा लगा कि घरेलू दर्शकों के सामने एक और बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। लेकिन लक्ष्य ने इसके बाद अपना खेल बदला और अगले दो गेम में ऐसा दबदबा बनाया कि फिलिमोन के पास वापसी का रास्ता ही नहीं बचा।

    पहले गेम में बराबरी, फिर फिलिमोन ने मारी बाजी

    पहले गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला काफी करीबी रहा। इंटरवल तक स्कोर 11-10 था। यानी दोनों के बीच सिर्फ एक अंक का अंतर था।

    लेकिन इसके बाद फिलिमोन ने कुछ अहम रैलियां अपने नाम कीं और लक्ष्य पर दबाव बढ़ा दिया। ऑस्ट्रियाई खिलाड़ी ने लगातार अंक हासिल करते हुए गेम पॉइंट तक पहुंच बनाई और अंततः 21-16 से पहला गेम जीत लिया।

    स्टेडियम में मौजूद भारतीय प्रशंसकों के लिए यह स्कोर निश्चित तौर पर चौंकाने वाला था।

    लक्ष्य से ऐसी शुरुआत की उम्मीद कम ही थी।

    लेकिन कहानी अभी बाकी थी।

     

    दूसरे गेम में लक्ष्य ने बदला पूरा अंदाज

    दूसरे गेम की शुरुआत में भी दोनों खिलाड़ी बराबरी पर रहे। स्कोर 6-6 तक पहुंचा, लेकिन इसके बाद लक्ष्य सेन ने अचानक अपनी गति बढ़ा दी।

    उन्होंने लगातार चार अंक हासिल किए और मैच का नियंत्रण अपने हाथ में लेना शुरू कर दिया।

    लक्ष्य ने रैलियों को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया और फिलिमोन को लगातार दबाव में रखा। जैसे-जैसे गेम आगे बढ़ा, भारतीय खिलाड़ी का आत्मविश्वास भी बढ़ता गया।

    दूसरे गेम का नतीजा पूरी तरह एकतरफा रहा।

    लक्ष्य ने इसे 21-8 से जीतकर मैच को निर्णायक तीसरे गेम तक पहुंचा दिया।

    पहले गेम में 16 अंक लेने वाले फिलिमोन अगले गेम में सिर्फ 8 अंक तक ही पहुंच पाए। यह बदलाव लक्ष्य के खेल में आई तेजी को साफ दिखा रहा था।

    तीसरे गेम में फिलिमोन के पास कोई जवाब नहीं

    निर्णायक गेम में लक्ष्य सेन ने शुरुआत से ही अपना दबदबा बना लिया।

    इंटरवल तक स्कोर था 11-1

    अब मुकाबले की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी थी। फिलिमोन लगातार दबाव में थे और लक्ष्य एक के बाद एक अंक हासिल करते जा रहे थे।

    लक्ष्य ने आक्रामक खेल जारी रखा और फिलिमोन को संभलने का मौका नहीं दिया। तीसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने 21-4 से जीत दर्ज की।

    इस तरह पहला गेम हारने के बावजूद लक्ष्य सेन ने अगले दोनों गेम में शानदार वापसी की और मैच अपने नाम कर लिया।

    45 मिनट में पूरी हुई शानदार वापसी

    करीब 45 मिनट चले इस मुकाबले में लक्ष्य ने एक बात जरूर साबित कर दी कि बड़े टूर्नामेंट में सिर्फ शुरुआत मायने नहीं रखती, बल्कि मुश्किल परिस्थिति में वापसी करने की क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।

    पहला गेम गंवाने के बाद लक्ष्य ने घबराहट को अपने खेल पर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने अपनी रणनीति में बदलाव किया और धीरे-धीरे मैच को अपनी पकड़ में ले लिया।

    यही वजह रही कि दूसरे और तीसरे गेम में फिलिमोन के पास लक्ष्य के खेल का कोई ठोस जवाब नजर नहीं आया।

     

    आयुष शेट्टी ने भी किया बड़ा उलटफेर

    भारतीय पुरुष सिंगल्स के लिए इस चैंपियनशिप की शुरुआत पहले ही धमाकेदार हो चुकी है।

    लक्ष्य सेन से एक दिन पहले युवा भारतीय शटलर आयुष शेट्टी ने ऐसा उलटफेर किया, जिसकी चर्चा पूरे बैडमिंटन जगत में हुई।

    आयुष ने दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी चीन के शी यूकी को पहले ही दौर में हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।

    यह जीत इसलिए भी बड़ी थी क्योंकि यूकी को प्रतियोगिता के मजबूत दावेदारों में गिना जा रहा था।

    यानी भारत के लिए वर्ल्ड चैंपियनशिप का शुरुआती दौर सिर्फ जीत का नहीं, बल्कि बड़े खिलाड़ियों को चुनौती देने का भी संदेश लेकर आया है।

    अब लक्ष्य की नजर अगले दौर पर

    पहला मुकाबला जीतने के बाद लक्ष्य सेन अब राउंड ऑफ 32 में पहुंच गए हैं।

    अगले दौर में उनका सामना अमेरिका के गैरेट टैन से होगा।

    अब लक्ष्य के सामने चुनौती पहले से बड़ी होगी। वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे टूर्नामेंट में हर अगले दौर के साथ मुकाबले मुश्किल होते जाते हैं और यहां एक छोटी सी गलती भी भारी पड़ सकती है।

    लक्ष्य के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि उन्होंने पहले ही मुकाबले में दबाव से बाहर निकलने का रास्ता खोज लिया है।

    डराने वाली शुरुआत, भरोसा देने वाला अंत

    लक्ष्य सेन का यह मुकाबला भारतीय प्रशंसकों के लिए एक छोटी सी रोलर-कोस्टर राइड जैसा रहा।

    पहला गेम गया तो चिंता हुई, दूसरा गेम जीता तो उम्मीद लौटी और तीसरे गेम में लक्ष्य ने ऐसा खेल दिखाया कि मैच खत्म होने तक सवाल ही बदल गया।

    अब सवाल यह नहीं था कि लक्ष्य उलटफेर से बच पाएंगे या नहीं।

    सवाल था—फिलिमोन को आखिर कितने अंक मिलेंगे?

    और जवाब आया—सिर्फ चार।

    लक्ष्य ने साबित किया कि बड़े टूर्नामेंट में एक खराब शुरुआत पूरी कहानी नहीं होती। असली खिलाड़ी वही है जो दबाव में अपने खेल को पहचान सके और मुकाबले की दिशा बदल दे।

    अब नजर अगले दौर पर है। लक्ष्य सेन आगे बढ़ चुके हैं, लेकिन विश्व चैंपियनशिप की असली परीक्षा अभी बाकी है।



  • खेल : लक्ष्य सेन की हार से शुरू हुई कहानी, जीत पर खत्म हुई! पहले गेम में फिसले, फिर पलट दिया पूरा मुकाबला

    PRAVEEN ARONDEKAR   - नीमच
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    खेल   - नीमच[19-08-2026]

     

    मालवांचल मित्र, नई दिल्ली | BWF World Championships 2026: ऑस्ट्रिया के कॉलिन्स फिलिमोन ने पहले गेम में चौंकाया, लेकिन लक्ष्य सेन ने जबरदस्त वापसी करते हुए 16-21, 21-8, 21-4 से जीता मुकाबला

    नई दिल्ली में बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप चल रही है और भारतीय खिलाड़ियों से देश को बड़ी उम्मीदें हैं। मंगलवार को कोर्ट पर उतरे भारत के स्टार शटलर लक्ष्य सेन ने शुरुआत में जरूर अपने प्रशंसकों की धड़कनें बढ़ा दीं, लेकिन आखिर में वही हुआ जिसकी उम्मीद भारतीय दर्शक कर रहे थे।

    लक्ष्य सेन ने ऑस्ट्रिया के कॉलिन्स वैलेंटाइन फिलिमोन को तीन गेम तक चले मुकाबले में 16-21, 21-8, 21-4 से हराकर टूर्नामेंट के अगले दौर में जगह बना ली।

    दिलचस्प बात यह रही कि मैच की शुरुआत लक्ष्य के पक्ष में बिल्कुल नहीं गई। पहले गेम में फिलिमोन ने भारतीय खिलाड़ी को कड़ी टक्कर दी और आखिरकार गेम अपने नाम कर लिया।

    कुछ देर के लिए ऐसा लगा कि घरेलू दर्शकों के सामने एक और बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। लेकिन लक्ष्य ने इसके बाद अपना खेल बदला और अगले दो गेम में ऐसा दबदबा बनाया कि फिलिमोन के पास वापसी का रास्ता ही नहीं बचा।

    पहले गेम में बराबरी, फिर फिलिमोन ने मारी बाजी

    पहले गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला काफी करीबी रहा। इंटरवल तक स्कोर 11-10 था। यानी दोनों के बीच सिर्फ एक अंक का अंतर था।

    लेकिन इसके बाद फिलिमोन ने कुछ अहम रैलियां अपने नाम कीं और लक्ष्य पर दबाव बढ़ा दिया। ऑस्ट्रियाई खिलाड़ी ने लगातार अंक हासिल करते हुए गेम पॉइंट तक पहुंच बनाई और अंततः 21-16 से पहला गेम जीत लिया।

    स्टेडियम में मौजूद भारतीय प्रशंसकों के लिए यह स्कोर निश्चित तौर पर चौंकाने वाला था।

    लक्ष्य से ऐसी शुरुआत की उम्मीद कम ही थी।

    लेकिन कहानी अभी बाकी थी।

     

    दूसरे गेम में लक्ष्य ने बदला पूरा अंदाज

    दूसरे गेम की शुरुआत में भी दोनों खिलाड़ी बराबरी पर रहे। स्कोर 6-6 तक पहुंचा, लेकिन इसके बाद लक्ष्य सेन ने अचानक अपनी गति बढ़ा दी।

    उन्होंने लगातार चार अंक हासिल किए और मैच का नियंत्रण अपने हाथ में लेना शुरू कर दिया।

    लक्ष्य ने रैलियों को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया और फिलिमोन को लगातार दबाव में रखा। जैसे-जैसे गेम आगे बढ़ा, भारतीय खिलाड़ी का आत्मविश्वास भी बढ़ता गया।

    दूसरे गेम का नतीजा पूरी तरह एकतरफा रहा।

    लक्ष्य ने इसे 21-8 से जीतकर मैच को निर्णायक तीसरे गेम तक पहुंचा दिया।

    पहले गेम में 16 अंक लेने वाले फिलिमोन अगले गेम में सिर्फ 8 अंक तक ही पहुंच पाए। यह बदलाव लक्ष्य के खेल में आई तेजी को साफ दिखा रहा था।

    तीसरे गेम में फिलिमोन के पास कोई जवाब नहीं

    निर्णायक गेम में लक्ष्य सेन ने शुरुआत से ही अपना दबदबा बना लिया।

    इंटरवल तक स्कोर था 11-1

    अब मुकाबले की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी थी। फिलिमोन लगातार दबाव में थे और लक्ष्य एक के बाद एक अंक हासिल करते जा रहे थे।

    लक्ष्य ने आक्रामक खेल जारी रखा और फिलिमोन को संभलने का मौका नहीं दिया। तीसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने 21-4 से जीत दर्ज की।

    इस तरह पहला गेम हारने के बावजूद लक्ष्य सेन ने अगले दोनों गेम में शानदार वापसी की और मैच अपने नाम कर लिया।

    45 मिनट में पूरी हुई शानदार वापसी

    करीब 45 मिनट चले इस मुकाबले में लक्ष्य ने एक बात जरूर साबित कर दी कि बड़े टूर्नामेंट में सिर्फ शुरुआत मायने नहीं रखती, बल्कि मुश्किल परिस्थिति में वापसी करने की क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।

    पहला गेम गंवाने के बाद लक्ष्य ने घबराहट को अपने खेल पर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने अपनी रणनीति में बदलाव किया और धीरे-धीरे मैच को अपनी पकड़ में ले लिया।

    यही वजह रही कि दूसरे और तीसरे गेम में फिलिमोन के पास लक्ष्य के खेल का कोई ठोस जवाब नजर नहीं आया।

     

    आयुष शेट्टी ने भी किया बड़ा उलटफेर

    भारतीय पुरुष सिंगल्स के लिए इस चैंपियनशिप की शुरुआत पहले ही धमाकेदार हो चुकी है।

    लक्ष्य सेन से एक दिन पहले युवा भारतीय शटलर आयुष शेट्टी ने ऐसा उलटफेर किया, जिसकी चर्चा पूरे बैडमिंटन जगत में हुई।

    आयुष ने दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी चीन के शी यूकी को पहले ही दौर में हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।

    यह जीत इसलिए भी बड़ी थी क्योंकि यूकी को प्रतियोगिता के मजबूत दावेदारों में गिना जा रहा था।

    यानी भारत के लिए वर्ल्ड चैंपियनशिप का शुरुआती दौर सिर्फ जीत का नहीं, बल्कि बड़े खिलाड़ियों को चुनौती देने का भी संदेश लेकर आया है।

    अब लक्ष्य की नजर अगले दौर पर

    पहला मुकाबला जीतने के बाद लक्ष्य सेन अब राउंड ऑफ 32 में पहुंच गए हैं।

    अगले दौर में उनका सामना अमेरिका के गैरेट टैन से होगा।

    अब लक्ष्य के सामने चुनौती पहले से बड़ी होगी। वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे टूर्नामेंट में हर अगले दौर के साथ मुकाबले मुश्किल होते जाते हैं और यहां एक छोटी सी गलती भी भारी पड़ सकती है।

    लक्ष्य के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि उन्होंने पहले ही मुकाबले में दबाव से बाहर निकलने का रास्ता खोज लिया है।

    डराने वाली शुरुआत, भरोसा देने वाला अंत

    लक्ष्य सेन का यह मुकाबला भारतीय प्रशंसकों के लिए एक छोटी सी रोलर-कोस्टर राइड जैसा रहा।

    पहला गेम गया तो चिंता हुई, दूसरा गेम जीता तो उम्मीद लौटी और तीसरे गेम में लक्ष्य ने ऐसा खेल दिखाया कि मैच खत्म होने तक सवाल ही बदल गया।

    अब सवाल यह नहीं था कि लक्ष्य उलटफेर से बच पाएंगे या नहीं।

    सवाल था—फिलिमोन को आखिर कितने अंक मिलेंगे?

    और जवाब आया—सिर्फ चार।

    लक्ष्य ने साबित किया कि बड़े टूर्नामेंट में एक खराब शुरुआत पूरी कहानी नहीं होती। असली खिलाड़ी वही है जो दबाव में अपने खेल को पहचान सके और मुकाबले की दिशा बदल दे।

    अब नजर अगले दौर पर है। लक्ष्य सेन आगे बढ़ चुके हैं, लेकिन विश्व चैंपियनशिप की असली परीक्षा अभी बाकी है।