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मालवांचल मित्र, बॉलीवुड गपशप: बॉलीवुड गलियारों में इन दिनों एक नई चर्चा ने हलचल मचा रखी है—संजय दत्त स्टारर कथित फिल्म ‘आखिरी सवाल’ को लेकर। कहा जा रहा है कि इस फिल्म का विषय इतना संवेदनशील है कि सेंसर बोर्ड भी फिलहाल इसे लेकर “सोच-विचार मोड” में है। सूत्रों और इंडस्ट्री चर्चाओं के मुताबिक, फिल्म की कहानी कथित तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के इतिहास और बाबरी मस्जिद विध्वंस जैसे संवेदनशील सामाजिक-राजनीतिक घटनाक्रमों के इर्द-गिर्द घूमती है। ऐसे में CBFC यानी सेंसर बोर्ड के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही बताई जा रही है कि फिल्म में तथ्यों, प्रस्तुति और भावनात्मक प्रभाव के बीच संतुलन कैसे रखा जाए। सर्टिफिकेट में देरी क्यों? फिल्म को लेकर जो सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है, वह यह है कि आखिर इसे सर्टिफिकेट मिलने में देरी क्यों हो रही है। अंदरूनी रिपोर्ट्स की मानें तो बोर्ड इस बात का आकलन कर रहा है कि कहीं फिल्म की कहानी किसी भी समुदाय की भावनाओं को प्रभावित तो नहीं करती, या फिर ऐतिहासिक घटनाओं को लेकर कोई विवादित प्रस्तुति तो नहीं हो रही। इसी वजह से फिल्म को “फाइनल अप्रूवल” मिलने में समय लग रहा है, और रिलीज डेट को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है।
संजय दत्त की व्यस्त रिलीज लाइनअप इसी बीच संजय दत्त का नाम लगातार सुर्खियों में है क्योंकि इस वक्त उनकी कुछ फिल्में पहले से ही चर्चा में बनी हुई हैं। ऐसे में ‘आखिरी सवाल’ की एंट्री उनके लिए एक और हाई-प्रोफाइल प्रोजेक्ट के तौर पर देखी जा रही थी। लेकिन सेंसर बोर्ड की देरी ने इस फिल्म के रिलीज प्लान पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या ये फिल्म आएगी या फिर बदलाव की चपेट में? फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि अगर ‘आखिरी सवाल’ को मंजूरी मिलती भी है, तो इसमें कट्स या बदलाव संभव हैं। वहीं, कुछ लोग इसे “सेंसर बनाम सिनेमा” की एक और क्लासिक टक्कर भी बता रहे हैं।
गपशप का ट्विस्ट दिलचस्प बात यह है कि अभी तक फिल्म की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसके नाम ने ही हलचल मचा दी है। कुछ लोग इसे “साल की सबसे विवादित फिल्म” बता रहे हैं, तो कुछ इसे सिर्फ एक और अफवाह भी मान रहे हैं। अब देखना ये है कि क्या ‘आखिरी सवाल’ वाकई पर्दे पर उतर पाएगा, या फिर सेंसर की कुर्सी पर बैठा यह मामला और लंबा खिंचेगा…
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मालवांचल मित्र, बॉलीवुड गपशप: बॉलीवुड गलियारों में इन दिनों एक नई चर्चा ने हलचल मचा रखी है—संजय दत्त स्टारर कथित फिल्म ‘आखिरी सवाल’ को लेकर। कहा जा रहा है कि इस फिल्म का विषय इतना संवेदनशील है कि सेंसर बोर्ड भी फिलहाल इसे लेकर “सोच-विचार मोड” में है।
सूत्रों और इंडस्ट्री चर्चाओं के मुताबिक, फिल्म की कहानी कथित तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के इतिहास और बाबरी मस्जिद विध्वंस जैसे संवेदनशील सामाजिक-राजनीतिक घटनाक्रमों के इर्द-गिर्द घूमती है। ऐसे में CBFC यानी सेंसर बोर्ड के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही बताई जा रही है कि फिल्म में तथ्यों, प्रस्तुति और भावनात्मक प्रभाव के बीच संतुलन कैसे रखा जाए।
सर्टिफिकेट में देरी क्यों?
फिल्म को लेकर जो सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है, वह यह है कि आखिर इसे सर्टिफिकेट मिलने में देरी क्यों हो रही है। अंदरूनी रिपोर्ट्स की मानें तो बोर्ड इस बात का आकलन कर रहा है कि कहीं फिल्म की कहानी किसी भी समुदाय की भावनाओं को प्रभावित तो नहीं करती, या फिर ऐतिहासिक घटनाओं को लेकर कोई विवादित प्रस्तुति तो नहीं हो रही।
इसी वजह से फिल्म को “फाइनल अप्रूवल” मिलने में समय लग रहा है, और रिलीज डेट को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है।

संजय दत्त की व्यस्त रिलीज लाइनअप
इसी बीच संजय दत्त का नाम लगातार सुर्खियों में है क्योंकि इस वक्त उनकी कुछ फिल्में पहले से ही चर्चा में बनी हुई हैं। ऐसे में ‘आखिरी सवाल’ की एंट्री उनके लिए एक और हाई-प्रोफाइल प्रोजेक्ट के तौर पर देखी जा रही थी।
लेकिन सेंसर बोर्ड की देरी ने इस फिल्म के रिलीज प्लान पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या ये फिल्म आएगी या फिर बदलाव की चपेट में?
फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि अगर ‘आखिरी सवाल’ को मंजूरी मिलती भी है, तो इसमें कट्स या बदलाव संभव हैं। वहीं, कुछ लोग इसे “सेंसर बनाम सिनेमा” की एक और क्लासिक टक्कर भी बता रहे हैं।

गपशप का ट्विस्ट
दिलचस्प बात यह है कि अभी तक फिल्म की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसके नाम ने ही हलचल मचा दी है। कुछ लोग इसे “साल की सबसे विवादित फिल्म” बता रहे हैं, तो कुछ इसे सिर्फ एक और अफवाह भी मान रहे हैं।
अब देखना ये है कि क्या ‘आखिरी सवाल’ वाकई पर्दे पर उतर पाएगा, या फिर सेंसर की कुर्सी पर बैठा यह मामला और लंबा खिंचेगा…
