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मालवांचल मित्र: कई बार जिंदगी ऐसा इम्तिहान लेती है, जहां सीखी हुई चीजें सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि किसी की जान बचाने का कारण बन जाती हैं. अमेरिका के विस्कॉन्सिन में हुई एक घटना ने यही साबित कर दिया. यहां CPR की ट्रेनिंग दे रहे 72 वर्षीय इंस्ट्रक्टर को अचानक कार्डियक अरेस्ट आ गया, लेकिन उनके ही छात्रों ने कुछ मिनटों में हालात पलट दिए. पढ़ाते-पढ़ाते अचानक बिगड़ी तबीयत फॉक्स वैली टेक्निकल कॉलेज (FVTC) में EMT इंस्ट्रक्टर कार्ल आर्प्स छात्रों को CPR और हार्ट अटैक के संकेतों के बारे में समझा रहे थे. क्लास चल रही थी कि तभी उन्हें चक्कर आने लगे और सांस लेने में परेशानी महसूस हुई. कुछ ही सेकंड बाद वह बेहोश होकर गिर पड़े. शुरुआत में छात्रों को लगा कि शायद यह ट्रेनिंग का हिस्सा है और इंस्ट्रक्टर किसी मरीज की हालत का डेमो दे रहे हैं. लेकिन जल्द ही उन्हें समझ आ गया कि यह कोई अभ्यास नहीं, बल्कि असली मेडिकल इमरजेंसी है.
छात्रों ने नहीं खोया धैर्य 26 वर्षीय छात्र लोगन लेहरर, जो खुद फायरफाइटर हैं और EMT ट्रेनिंग ले रहे हैं, ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को पहचान लिया. छात्रों ने फौरन दूसरे इंस्ट्रक्टर को बुलाया और 911 पर कॉल किया. इसके बाद जो हुआ, उसने हर किसी को भावुक कर दिया—
सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि मेडिकल टीम पहुंचने से पहले ही आर्प्स की पल्स वापस आ चुकी थी.
“उन्होंने वही किया, जो उन्हें सिखाया गया था” गोल्ड क्रॉस एम्बुलेंस के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर निक रोमेनेस्को ने छात्रों की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी सूझबूझ और तेजी ने इंस्ट्रक्टर की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई. अगर कुछ मिनट की भी देरी होती, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी. क्यों जरूरी है CPR सीखना? यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक बड़ा संदेश भी है. कार्डियक अरेस्ट कभी भी, कहीं भी और किसी के साथ हो सकता है. ऐसे में CPR की बेसिक जानकारी किसी आम इंसान को भी “लाइफसेवर” बना सकती है. विशेषज्ञों के अनुसार:
इस घटना से क्या सीख मिलती है? यह कहानी बताती है कि सही समय पर लिया गया फैसला और बेसिक मेडिकल ट्रेनिंग किसी की जिंदगी बचा सकती है. जिन छात्रों ने कुछ घंटे पहले तक सिर्फ किताबों में CPR पढ़ा था, वही उस दिन अपने शिक्षक के लिए “रियल हीरो” बन गए. |
मालवांचल मित्र: कई बार जिंदगी ऐसा इम्तिहान लेती है, जहां सीखी हुई चीजें सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि किसी की जान बचाने का कारण बन जाती हैं. अमेरिका के विस्कॉन्सिन में हुई एक घटना ने यही साबित कर दिया. यहां CPR की ट्रेनिंग दे रहे 72 वर्षीय इंस्ट्रक्टर को अचानक कार्डियक अरेस्ट आ गया, लेकिन उनके ही छात्रों ने कुछ मिनटों में हालात पलट दिए.
पढ़ाते-पढ़ाते अचानक बिगड़ी तबीयत
फॉक्स वैली टेक्निकल कॉलेज (FVTC) में EMT इंस्ट्रक्टर कार्ल आर्प्स छात्रों को CPR और हार्ट अटैक के संकेतों के बारे में समझा रहे थे. क्लास चल रही थी कि तभी उन्हें चक्कर आने लगे और सांस लेने में परेशानी महसूस हुई. कुछ ही सेकंड बाद वह बेहोश होकर गिर पड़े.
शुरुआत में छात्रों को लगा कि शायद यह ट्रेनिंग का हिस्सा है और इंस्ट्रक्टर किसी मरीज की हालत का डेमो दे रहे हैं. लेकिन जल्द ही उन्हें समझ आ गया कि यह कोई अभ्यास नहीं, बल्कि असली मेडिकल इमरजेंसी है.

छात्रों ने नहीं खोया धैर्य
26 वर्षीय छात्र लोगन लेहरर, जो खुद फायरफाइटर हैं और EMT ट्रेनिंग ले रहे हैं, ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को पहचान लिया. छात्रों ने फौरन दूसरे इंस्ट्रक्टर को बुलाया और 911 पर कॉल किया.
इसके बाद जो हुआ, उसने हर किसी को भावुक कर दिया—
सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि मेडिकल टीम पहुंचने से पहले ही आर्प्स की पल्स वापस आ चुकी थी.

“उन्होंने वही किया, जो उन्हें सिखाया गया था”
गोल्ड क्रॉस एम्बुलेंस के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर निक रोमेनेस्को ने छात्रों की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी सूझबूझ और तेजी ने इंस्ट्रक्टर की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई. अगर कुछ मिनट की भी देरी होती, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी.
क्यों जरूरी है CPR सीखना?
यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक बड़ा संदेश भी है. कार्डियक अरेस्ट कभी भी, कहीं भी और किसी के साथ हो सकता है. ऐसे में CPR की बेसिक जानकारी किसी आम इंसान को भी “लाइफसेवर” बना सकती है.
विशेषज्ञों के अनुसार:

इस घटना से क्या सीख मिलती है?
यह कहानी बताती है कि सही समय पर लिया गया फैसला और बेसिक मेडिकल ट्रेनिंग किसी की जिंदगी बचा सकती है. जिन छात्रों ने कुछ घंटे पहले तक सिर्फ किताबों में CPR पढ़ा था, वही उस दिन अपने शिक्षक के लिए “रियल हीरो” बन गए.