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मालवांचल मित्र, नीमच: शहर के मध्य से गुजर रहे निर्माणाधीन फोरलेन सड़क मार्ग को लेकर पूर्व विधायक डॉ. सम्पत स्वरूप जाजू ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता के कारण यह सड़क अब “मौत और दुर्घटनाओं का गलियारा” बन चुकी है। डॉ. जाजू ने अपने बयान में कहा कि एक ओर जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि मस्त हैं, वहीं दूसरी ओर आम जनता त्रस्त है। उन्होंने कहा कि शहर के बीच से गुजरने वाले इस फोरलेन मार्ग का निर्माण कार्य पिछले कई वर्षों से जारी है, लेकिन अब तक कार्य निर्धारित समय सीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा नहीं हो सका है।
उन्होंने फोरलेन सड़क निर्माण का स्वागत करते हुए कहा कि बेहतर सड़क सुविधा शहर के विकास के लिए आवश्यक है, लेकिन निर्माण कार्य में बरती जा रही अनियमितताओं के कारण नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि निर्माणाधीन सड़क पर बीते एक वर्ष में कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग दुर्घटनाओं में घायल हुए हैं। कई लोग स्थायी रूप से विकलांग भी हो गए हैं। उन्होंने कहा कि आज भी प्रतिदिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग और ठेकेदार इस ओर गंभीर नहीं हैं।
डॉ. जाजू ने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि “रोम जल रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था” वाली कहावत वर्तमान स्थिति पर सटीक बैठती है। उनका आरोप है कि प्रशासन केवल औपचारिक निरीक्षण कर मीडिया में खबरें प्रकाशित करवाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और ठेकेदार मनमाने तरीके से कार्य कर रहा है। सड़क निर्माण का श्रेय लेने वाले जनप्रतिनिधि अब मौन हैं, जबकि शहरवासी लगातार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।
अंत में डॉ. जाजू ने प्रशासन से मांग की कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कर तत्काल सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। |
मालवांचल मित्र, नीमच: शहर के मध्य से गुजर रहे निर्माणाधीन फोरलेन सड़क मार्ग को लेकर पूर्व विधायक डॉ. सम्पत स्वरूप जाजू ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता के कारण यह सड़क अब “मौत और दुर्घटनाओं का गलियारा” बन चुकी है।
डॉ. जाजू ने अपने बयान में कहा कि एक ओर जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि मस्त हैं, वहीं दूसरी ओर आम जनता त्रस्त है। उन्होंने कहा कि शहर के बीच से गुजरने वाले इस फोरलेन मार्ग का निर्माण कार्य पिछले कई वर्षों से जारी है, लेकिन अब तक कार्य निर्धारित समय सीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा नहीं हो सका है।

उन्होंने फोरलेन सड़क निर्माण का स्वागत करते हुए कहा कि बेहतर सड़क सुविधा शहर के विकास के लिए आवश्यक है, लेकिन निर्माण कार्य में बरती जा रही अनियमितताओं के कारण नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि निर्माणाधीन सड़क पर बीते एक वर्ष में कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग दुर्घटनाओं में घायल हुए हैं। कई लोग स्थायी रूप से विकलांग भी हो गए हैं। उन्होंने कहा कि आज भी प्रतिदिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग और ठेकेदार इस ओर गंभीर नहीं हैं।

डॉ. जाजू ने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि “रोम जल रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था” वाली कहावत वर्तमान स्थिति पर सटीक बैठती है। उनका आरोप है कि प्रशासन केवल औपचारिक निरीक्षण कर मीडिया में खबरें प्रकाशित करवाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।
उन्होंने यह भी कहा कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और ठेकेदार मनमाने तरीके से कार्य कर रहा है। सड़क निर्माण का श्रेय लेने वाले जनप्रतिनिधि अब मौन हैं, जबकि शहरवासी लगातार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।

अंत में डॉ. जाजू ने प्रशासन से मांग की कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कर तत्काल सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।