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मालवांचल मित्र, नीमच: कुछ शख्सियतें इतिहास की किताबों तक सीमित नहीं रहतीं। वक्त बदलता है, पीढ़ियां बदलती हैं, लेकिन उनके विचार बार-बार चर्चा में लौट आते हैं। स्वामी विवेकानंद भी ऐसी ही शख्सियत हैं। उनकी पुण्यतिथि पर शनिवार को नीमच के प्रधानमंत्री उत्कृष्ट महाविद्यालय (पीजी कॉलेज) परिसर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं को दिशा देने का काम करते हैं। उनके मुताबिक, चरित्र निर्माण, राष्ट्रभक्ति और समाज के प्रति जिम्मेदारी जैसे मूल्य आज के दौर में भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने एक सदी पहले थे।
विधायक ने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत का सपना सिर्फ योजनाओं से नहीं, बल्कि ऐसे युवाओं से पूरा होगा जो अपने व्यक्तित्व और समाज, दोनों के प्रति जिम्मेदार हों। इसलिए स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपनाना समय की जरूरत है। इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता महेंद्र भटनागर, कॉलेज जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष विश्वदेव शर्मा, मंडल अध्यक्ष दारासिंह यादव, राजेश बैरागी, लोकेश चांगल, एबीवीपी के जिला संयोजक अमन बैरागी, नगर मंत्री शुभम बागड़ी, खेलो भारत के प्रमुख जतिन शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्र और समाज की सेवा का संकल्प लेकर हुआ। ऐसे आयोजनों की सबसे बड़ी अहमियत भी शायद यही है—ये सिर्फ किसी महान व्यक्तित्व को याद करने का मौका नहीं देते, बल्कि यह सवाल भी छोड़ जाते हैं कि उनके विचार हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में कितनी जगह बना पाए हैं। |
मालवांचल मित्र, नीमच: कुछ शख्सियतें इतिहास की किताबों तक सीमित नहीं रहतीं। वक्त बदलता है, पीढ़ियां बदलती हैं, लेकिन उनके विचार बार-बार चर्चा में लौट आते हैं। स्वामी विवेकानंद भी ऐसी ही शख्सियत हैं। उनकी पुण्यतिथि पर शनिवार को नीमच के प्रधानमंत्री उत्कृष्ट महाविद्यालय (पीजी कॉलेज) परिसर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम में नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं को दिशा देने का काम करते हैं। उनके मुताबिक, चरित्र निर्माण, राष्ट्रभक्ति और समाज के प्रति जिम्मेदारी जैसे मूल्य आज के दौर में भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने एक सदी पहले थे।

विधायक ने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत का सपना सिर्फ योजनाओं से नहीं, बल्कि ऐसे युवाओं से पूरा होगा जो अपने व्यक्तित्व और समाज, दोनों के प्रति जिम्मेदार हों। इसलिए स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपनाना समय की जरूरत है।
इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता महेंद्र भटनागर, कॉलेज जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष विश्वदेव शर्मा, मंडल अध्यक्ष दारासिंह यादव, राजेश बैरागी, लोकेश चांगल, एबीवीपी के जिला संयोजक अमन बैरागी, नगर मंत्री शुभम बागड़ी, खेलो भारत के प्रमुख जतिन शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्र और समाज की सेवा का संकल्प लेकर हुआ। ऐसे आयोजनों की सबसे बड़ी अहमियत भी शायद यही है—ये सिर्फ किसी महान व्यक्तित्व को याद करने का मौका नहीं देते, बल्कि यह सवाल भी छोड़ जाते हैं कि उनके विचार हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में कितनी जगह बना पाए हैं।