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नीमच। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में नगर पालिका, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त कार्यवाही में बीते शनिवार को अंबेडकर रोड स्थित जीवाजीराव छात्रावास की करीब 4 लाख वर्गफीट भूमि को अतिक्रमण एवं अनधिकृत निर्माण से मुक्त कर नगर पालिका के आधिपत्य में लिया गया था। अब इसी भूमि और प्रशासन की कार्यवाही के बीच एक और बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। जीवाजीराव छात्रावास की भूमि के स्थगन आदेश पर कानूनी लड़ाई भी छीड़ गई है और भाजपा नेता के नेतृत्व में एक—एक लाख रूपये की राशि एकत्रित की गई है। इस मामले को लेकर हमारे विश्वसनिय सूत्रों ने भी बड़ी अपडेट दी है। सूत्रों का कहना है कि शासन, प्रशासन और सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती इन व्यापारियो से है। अब सवाल यह है कि क्या गरीबों को आशियानों को उजाड़ने के बाद इन व्यापारियों को लेकर सरकार का रूख कुछ नरम हो गया है या जमीन को लेकर सौदेबाजी का खेल शुरू हो गया है और क्या अब नियम का पालन गरीबी और अमीरी के आधार पर होगा...! जानकारी यह भी सामने आई है कि यदि कालिदास शिक्षण समिति के द्वारा अनुबंध पर जमीन इनके कब्जे में है, तो जब कालिदास शिक्षण समिति विरुद्ध ही माहौल बना है तो क्या इन सब पर भी कार्यवाही होगी...! सवाल तो बहुत है इंतजार है शासन के अगले कदम का...! गौरतलब है कि, नगर पालिका द्वारा आधिपत्य में ली गई इस 4 लाख वर्गफीट भूमि की कीमत शासन की गाइडलाइन के अनुसार करीब 145 करोड़ रुपये है। उक्त भूमि का आवंटन छात्रावास के प्रयोजन के लिए किया गया था। मौके पर संबंधित समिति द्वारा आवंटन के उद्देश्य के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां किए जाने तथा छात्रावास की स्थिति अत्यंत जर्जर पाए जाने के संबंध में नगर पालिका द्वारा कार्रवाई की गई। इस संबंध में नगर पालिका द्वारा जारी सूचना पत्र के विरुद्ध कालिदास शिक्षण समिति ने सिविल जज के न्यायालय में वाद क्रमांक 149/2020 प्रस्तुत किया था। प्रकरण में स्थगन आवेदन पर न्यायालय द्वारा समिति के पक्ष में स्थगन आदेश पारित किया गया था। इसके विरुद्ध नगर पालिका नीमच द्वारा जिला न्यायालय में अपील क्रमांक 25/2025 प्रस्तुत की गई। जिला न्यायालय ने 24 सितंबर 2026 को अपील स्वीकार करते हुए नगर पालिका के पक्ष में आदेश पारित किया। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में नगर पालिका ने मौके पर स्थित अनधिकृत निर्माण एवं अन्य संरचनाओं को हटाने के लिए 28 सितंबर 2026 को सूचना पत्र जारी किया था। निर्धारित अवधि में संरचनाएं नहीं हटाए जाने पर 3 अक्टूबर को नगर पालिका द्वारा कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान भूमि के पीछे की ओर अन्य व्यक्तियों द्वारा किए गए अतिक्रमण एवं निर्मित झोपड़ियों को भी हटाया गया। संबंधित पक्षों ने कार्रवाई में सहयोग किया। इसके अतिरिक्त अंबेडकर रोड की ओर निर्माणाधीन दुकानों के संबंध में मौके पर न्यायालयीन आदेश में वर्णित भूमि से बाहर किए गए अतिरिक्त निर्माण पाए जाने पर उन्हें भी हटाया गया। कार्रवाई पूर्ण होने के बाद संपूर्ण भूमि का आधिपत्य नगर पालिका द्वारा प्राप्त कर लिया गया तथा स्वामित्व संबंधी बोर्ड स्थापित किया गया। करीब 4 लाख वर्गफीट भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर नगर पालिका के आधिपत्य में लिया जाना शहर में सार्वजनिक भूमि के संरक्षण एवं अनधिकृत निर्माण के विरुद्ध की गई महत्वपूर्ण एवं बड़ी कार्रवाई है। |
नीमच। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में नगर पालिका, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त कार्यवाही में बीते शनिवार को अंबेडकर रोड स्थित जीवाजीराव छात्रावास की करीब 4 लाख वर्गफीट भूमि को अतिक्रमण एवं अनधिकृत निर्माण से मुक्त कर नगर पालिका के आधिपत्य में लिया गया था। अब इसी भूमि और प्रशासन की कार्यवाही के बीच एक और बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। जीवाजीराव छात्रावास की भूमि के स्थगन आदेश पर कानूनी लड़ाई भी छीड़ गई है और भाजपा नेता के नेतृत्व में एक—एक लाख रूपये की राशि एकत्रित की गई है।
इस मामले को लेकर हमारे विश्वसनिय सूत्रों ने भी बड़ी अपडेट दी है। सूत्रों का कहना है कि शासन, प्रशासन और सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती इन व्यापारियो से है। अब सवाल यह है कि क्या गरीबों को आशियानों को उजाड़ने के बाद इन व्यापारियों को लेकर सरकार का रूख कुछ नरम हो गया है या जमीन को लेकर सौदेबाजी का खेल शुरू हो गया है और क्या अब नियम का पालन गरीबी और अमीरी के आधार पर होगा...!
जानकारी यह भी सामने आई है कि यदि कालिदास शिक्षण समिति के द्वारा अनुबंध पर जमीन इनके कब्जे में है, तो जब कालिदास शिक्षण समिति विरुद्ध ही माहौल बना है तो क्या इन सब पर भी कार्यवाही होगी...!
सवाल तो बहुत है इंतजार है शासन के अगले कदम का...!
गौरतलब है कि, नगर पालिका द्वारा आधिपत्य में ली गई इस 4 लाख वर्गफीट भूमि की कीमत शासन की गाइडलाइन के अनुसार करीब 145 करोड़ रुपये है। उक्त भूमि का आवंटन छात्रावास के प्रयोजन के लिए किया गया था। मौके पर संबंधित समिति द्वारा आवंटन के उद्देश्य के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां किए जाने तथा छात्रावास की स्थिति अत्यंत जर्जर पाए जाने के संबंध में नगर पालिका द्वारा कार्रवाई की गई। इस संबंध में नगर पालिका द्वारा जारी सूचना पत्र के विरुद्ध कालिदास शिक्षण समिति ने सिविल जज के न्यायालय में वाद क्रमांक 149/2020 प्रस्तुत किया था। प्रकरण में स्थगन आवेदन पर न्यायालय द्वारा समिति के पक्ष में स्थगन आदेश पारित किया गया था। इसके विरुद्ध नगर पालिका नीमच द्वारा जिला न्यायालय में अपील क्रमांक 25/2025 प्रस्तुत की गई।
जिला न्यायालय ने 24 सितंबर 2026 को अपील स्वीकार करते हुए नगर पालिका के पक्ष में आदेश पारित किया। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में नगर पालिका ने मौके पर स्थित अनधिकृत निर्माण एवं अन्य संरचनाओं को हटाने के लिए 28 सितंबर 2026 को सूचना पत्र जारी किया था। निर्धारित अवधि में संरचनाएं नहीं हटाए जाने पर 3 अक्टूबर को नगर पालिका द्वारा कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान भूमि के पीछे की ओर अन्य व्यक्तियों द्वारा किए गए अतिक्रमण एवं निर्मित झोपड़ियों को भी हटाया गया। संबंधित पक्षों ने कार्रवाई में सहयोग किया। इसके अतिरिक्त अंबेडकर रोड की ओर निर्माणाधीन दुकानों के संबंध में मौके पर न्यायालयीन आदेश में वर्णित भूमि से बाहर किए गए अतिरिक्त निर्माण पाए जाने पर उन्हें भी हटाया गया। कार्रवाई पूर्ण होने के बाद संपूर्ण भूमि का आधिपत्य नगर पालिका द्वारा प्राप्त कर लिया गया तथा स्वामित्व संबंधी बोर्ड स्थापित किया गया। करीब 4 लाख वर्गफीट भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर नगर पालिका के आधिपत्य में लिया जाना शहर में सार्वजनिक भूमि के संरक्षण एवं अनधिकृत निर्माण के विरुद्ध की गई महत्वपूर्ण एवं बड़ी कार्रवाई है।