![]() ![]() ![]() ![]() ![]()
|
















|
नीमच। शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर शहर के ऐतिहासिक गांधी वाटिका प्रांगण में आयोजित अंचल के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित गरबा महोत्सव अरुल अशोक गंगानगर प्रेजेंट्स डायमंड रोटरी डांडिया में तीसरे दिन आस्था, उल्लास और सांस्कृतिक भव्यता का अलौकिक नजारा देखने को मिला। 10 हजार वर्गफीट में फैले दूधिया रोशनी से सराबोर विशाल पंडाल में जब खनकते डांडियों और पारंपरिक थाप की गूंज उठी, तो पूरा वातावरण ऐसा प्रतीत हुआ मानो नीमच की पावन धरा पर साक्षात गुजरात का कोई जीवंत गरबा महोत्सव उतर आया हो। बीते 12 वर्षों की गरिमामयी परंपरा को अक्षुण्ण रखते हुए रोटरी डायमंड संस्था द्वारा संचालित इस महोत्सव के तीसरे दिन का शुभारंभ मां भगवती के चमत्कारी दरबार के समक्ष विधि-विधान से महाआरती कर किया गया। मंच पर पधारे आमंत्रित विशिष्ट अतिथियों ने मां अंबे की आरती उतारकर पुण्य लाभ अर्जित किया, जिसके पश्चात आयोजन समिति द्वारा उनका आत्मीय अभिनंदन किया गया। आरती की लौ शांत होते ही पूरे परिसर में वीणावादिनी मां सरस्वती के सुरीले संगीत, भगवान नटराज की दिव्य नृत्यकला और मां दुर्गा की असीम भक्ति की अविरल त्रिवेणी प्रवाहित होने लगी। डांडिया संयोजक हेमंत भंडारी, कमल मंगल, दीपक मूंदड़ा, आशीष गर्ग बामन बर्डी और करणवीर सिंह ने बताया कि तीसरे दिन ही आयोजन ने महाअष्टमी और महानवमी जैसा ऐतिहासिक और भव्य स्वरूप ग्रहण कर लिया। इस विशेष निशा में 25 से अधिक सुसज्जित गरबा दलों ने पारंपरिक गुजराती और राजस्थानी वेशभूषा में मंच पर कदम ताल मिलाते हुए एक से बढ़कर एक मनोहारी प्रस्तुतियां दीं। प्रतिभागी हाथों में कलात्मक छतरियां और चेहरे पर विशेष मुखौटे लगाकर जब गोलाकार वृत्तों में थिरके, तो दर्शक दीर्घा में उपस्थित हजारों श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे। पारंपरिक प्राचीन गरबों के साथ-साथ हाल ही में जारी नए भक्ति गीतों की धुनों पर युवाओं के ऊर्जावान समूहों ने अपनी भक्ति-आराधना प्रस्तुत की। इस अलौकिक उत्सव की गूंज मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि पड़ोसी राजस्थान के सीमावर्ती अंचलों तक पहुंच चुकी है, जिसके चलते नीमच के अलावा मंदसौर, जावद, मनासा और चित्तौड़गढ़ से भी श्रद्धालु भारी संख्या में सपरिवार पधारे। रोटरी डायमंड क्लब अध्यक्ष रोटेरियन गुणवंत जैन, सचिव धीरज गांधी और कोषाध्यक्ष अनुज माहेश्वरी ने बताया कि इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए संस्था के वॉलिंटियर्स लगातार व्यवस्थाएं संभाल रहे हैं। जिनमें कमल आंजना, दीपक ऐरन, सुमित मित्तल, दिलीप जोशी, कृष्णा शर्मा, गोपाल शर्मा, अभय नाहर, गोविंद सैनी, हिमांशु अहीर, लोकेंद्र अग्रवाल, पंकज मुंदड़ा, प्रमोद शर्मा, संदीप दरक, संजय सोनी, सिद्धार्थ जैन, सोहित पोरवाल, सुनील सोनी, प्रभजोत सिंह सहित सभी सदस्यों और पदाधिकारियों की सराहनीय भूमिका रही। |
नीमच। शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर शहर के ऐतिहासिक गांधी वाटिका प्रांगण में आयोजित अंचल के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित गरबा महोत्सव अरुल अशोक गंगानगर प्रेजेंट्स डायमंड रोटरी डांडिया में तीसरे दिन आस्था, उल्लास और सांस्कृतिक भव्यता का अलौकिक नजारा देखने को मिला। 10 हजार वर्गफीट में फैले दूधिया रोशनी से सराबोर विशाल पंडाल में जब खनकते डांडियों और पारंपरिक थाप की गूंज उठी, तो पूरा वातावरण ऐसा प्रतीत हुआ मानो नीमच की पावन धरा पर साक्षात गुजरात का कोई जीवंत गरबा महोत्सव उतर आया हो।
बीते 12 वर्षों की गरिमामयी परंपरा को अक्षुण्ण रखते हुए रोटरी डायमंड संस्था द्वारा संचालित इस महोत्सव के तीसरे दिन का शुभारंभ मां भगवती के चमत्कारी दरबार के समक्ष विधि-विधान से महाआरती कर किया गया। मंच पर पधारे आमंत्रित विशिष्ट अतिथियों ने मां अंबे की आरती उतारकर पुण्य लाभ अर्जित किया, जिसके पश्चात आयोजन समिति द्वारा उनका आत्मीय अभिनंदन किया गया। आरती की लौ शांत होते ही पूरे परिसर में वीणावादिनी मां सरस्वती के सुरीले संगीत, भगवान नटराज की दिव्य नृत्यकला और मां दुर्गा की असीम भक्ति की अविरल त्रिवेणी प्रवाहित होने लगी।
डांडिया संयोजक हेमंत भंडारी, कमल मंगल, दीपक मूंदड़ा, आशीष गर्ग बामन बर्डी और करणवीर सिंह ने बताया कि तीसरे दिन ही आयोजन ने महाअष्टमी और महानवमी जैसा ऐतिहासिक और भव्य स्वरूप ग्रहण कर लिया। इस विशेष निशा में 25 से अधिक सुसज्जित गरबा दलों ने पारंपरिक गुजराती और राजस्थानी वेशभूषा में मंच पर कदम ताल मिलाते हुए एक से बढ़कर एक मनोहारी प्रस्तुतियां दीं।
प्रतिभागी हाथों में कलात्मक छतरियां और चेहरे पर विशेष मुखौटे लगाकर जब गोलाकार वृत्तों में थिरके, तो दर्शक दीर्घा में उपस्थित हजारों श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे। पारंपरिक प्राचीन गरबों के साथ-साथ हाल ही में जारी नए भक्ति गीतों की धुनों पर युवाओं के ऊर्जावान समूहों ने अपनी भक्ति-आराधना प्रस्तुत की। इस अलौकिक उत्सव की गूंज मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि पड़ोसी राजस्थान के सीमावर्ती अंचलों तक पहुंच चुकी है, जिसके चलते नीमच के अलावा मंदसौर, जावद, मनासा और चित्तौड़गढ़ से भी श्रद्धालु भारी संख्या में सपरिवार पधारे।
रोटरी डायमंड क्लब अध्यक्ष रोटेरियन गुणवंत जैन, सचिव धीरज गांधी और कोषाध्यक्ष अनुज माहेश्वरी ने बताया कि इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए संस्था के वॉलिंटियर्स लगातार व्यवस्थाएं संभाल रहे हैं। जिनमें कमल आंजना, दीपक ऐरन, सुमित मित्तल, दिलीप जोशी, कृष्णा शर्मा, गोपाल शर्मा, अभय नाहर, गोविंद सैनी, हिमांशु अहीर, लोकेंद्र अग्रवाल, पंकज मुंदड़ा, प्रमोद शर्मा, संदीप दरक, संजय सोनी, सिद्धार्थ जैन, सोहित पोरवाल, सुनील सोनी, प्रभजोत सिंह सहित सभी सदस्यों और पदाधिकारियों की सराहनीय भूमिका रही।