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नीमच। श्री सीताराम जाजू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 6 अक्टूबर को यूथ रेडक्रॉस सोसायटी शाखा नीमच, के तत्वावधान में सीपीआर (CPR) तकनीक पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें लगभग 150 छात्राओं को आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन बचाने की तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम के दौरान मद्यनिषेध सप्ताह के अंतर्गत छात्राओं को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। यूथ रेडक्रॉस सोसायटी, नीमच शाखा के सचिव डॉ. स्वप्निल वधवा ने सीपीआर तकनीक की विस्तृत जानकारी देते हुए डमी पर इसका व्यावहारिक प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि हृदय गति रुकने जैसी आपात स्थिति में सीपीआर किस प्रकार जीवनरक्षक साबित हो सकता है तथा इसे देते समय किन आवश्यक सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए। इसके बाद छात्राओं ने स्वयं डमी पर सीपीआर का अभ्यास कर तकनीक की बारीकियां सीखीं। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. प्रतिभा कॉलानी ने कहा कि जीवनरक्षक तकनीकों का ज्ञान प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवश्यक है। सही समय पर उठाया गया कदम किसी की जान बचा सकता है। उन्होंने छात्राओं से प्राप्त प्रशिक्षण का उपयोग समाज में जागरूकता फैलाने तथा जरूरतमंदों की सहायता करने में करने का आह्वान किया। महाविद्यालय में छात्राओं को दी सीपीआर तकनीक की प्रशिक्षण एवं नशा मुक्ति की शपथ नीमच, 6 अक्टूबर 2026। श्री सीताराम जाजू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नीमच में मंगलवार को यूथ रेडक्रॉस सोसायटी एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) इकाई के संयुक्त तत्वावधान में सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) तकनीक पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन बचाने के लिए आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा एवं सीपीआर तकनीक की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम में यूथ रेडक्रॉस सोसायटी, नीमच शाखा के सचिव डॉ. सपनिल वधवा ने सीपीआर तकनीक के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हुए छात्राओं को डेमो के माध्यम से प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि किसी व्यक्ति के अचानक बेहोश होने, सांस रुकने अथवा हृदय गति रुकने जैसी आपात स्थिति में सीपीआर कब और किस प्रकार किया जाना चाहिए। साथ ही किन परिस्थितियों में सीपीआर नहीं दिया जाना चाहिए, इसके संबंध में भी आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी। डॉ. वधवा ने डमी पर सीपीआर का व्यावहारिक प्रदर्शन किया, जिसके पश्चात छात्राओं ने स्वयं डमी पर सीपीआर तकनीक का अभ्यास कर इसकी सही प्रक्रिया को समझा। लगभग 150 छात्राओं को सीपीआर तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. प्रतिभा कॉलानी ने अपने उद्बोधन में कहा कि आपातकालीन स्थिति में सही समय पर दी गई प्राथमिक चिकित्सा और सीपीआर किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि छात्राओं को ऐसी जीवनरक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त करना न केवल उनके व्यक्तिगत ज्ञान में वृद्धि करता है, बल्कि उन्हें समाज के प्रति अधिक जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित करता है। कार्यक्रम के दौरान मद्यनिषेध सप्ताह के अंतर्गत छात्राओं को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. पी.सी. राका, यूथ रेडक्रॉस सोसायटी, नीमच शाखा से जीवन तिवारी, साइकाइटिस्ट, तथा सुनील तिवारी, समन्वयक, यूथ रेडक्रॉस सोसायटी, नीमच सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान यूथ रेडक्रॉस सोसायटी शाखा नीमच के सचिव डॉ स्वप्निल वधवा द्वारा मद्यनिषेध सप्ताह के अंतर्गत छात्राओं को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. पी.सी. राका, यूथ रेडक्रॉस सोसायटी, नीमच के जीवन तिवारी (साइकाइट्रिस्ट) एवं समन्वयक सुनील तिवारी सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन डॉ. हीरसिंह राजपूत द्वारा किया गया कार्यक्रम का संयोजन यूथ रेडक्रॉस इकाई एवं एनसीसी प्रभारी डॉ. हिना हरित ने किया। |
नीमच। श्री सीताराम जाजू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 6 अक्टूबर को यूथ रेडक्रॉस सोसायटी शाखा नीमच, के तत्वावधान में सीपीआर (CPR) तकनीक पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें लगभग 150 छात्राओं को आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन बचाने की तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम के दौरान मद्यनिषेध सप्ताह के अंतर्गत छात्राओं को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई।
यूथ रेडक्रॉस सोसायटी, नीमच शाखा के सचिव डॉ. स्वप्निल वधवा ने सीपीआर तकनीक की विस्तृत जानकारी देते हुए डमी पर इसका व्यावहारिक प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि हृदय गति रुकने जैसी आपात स्थिति में सीपीआर किस प्रकार जीवनरक्षक साबित हो सकता है तथा इसे देते समय किन आवश्यक सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए। इसके बाद छात्राओं ने स्वयं डमी पर सीपीआर का अभ्यास कर तकनीक की बारीकियां सीखीं।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. प्रतिभा कॉलानी ने कहा कि जीवनरक्षक तकनीकों का ज्ञान प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवश्यक है। सही समय पर उठाया गया कदम किसी की जान बचा सकता है। उन्होंने छात्राओं से प्राप्त प्रशिक्षण का उपयोग समाज में जागरूकता फैलाने तथा जरूरतमंदों की सहायता करने में करने का आह्वान किया।
महाविद्यालय में छात्राओं को दी सीपीआर तकनीक की प्रशिक्षण एवं नशा मुक्ति की शपथ
नीमच, 6 अक्टूबर 2026। श्री सीताराम जाजू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नीमच में मंगलवार को यूथ रेडक्रॉस सोसायटी एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) इकाई के संयुक्त तत्वावधान में सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) तकनीक पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन बचाने के लिए आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा एवं सीपीआर तकनीक की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम में यूथ रेडक्रॉस सोसायटी, नीमच शाखा के सचिव डॉ. सपनिल वधवा ने सीपीआर तकनीक के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हुए छात्राओं को डेमो के माध्यम से प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि किसी व्यक्ति के अचानक बेहोश होने, सांस रुकने अथवा हृदय गति रुकने जैसी आपात स्थिति में सीपीआर कब और किस प्रकार किया जाना चाहिए। साथ ही किन परिस्थितियों में सीपीआर नहीं दिया जाना चाहिए, इसके संबंध में भी आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी।
डॉ. वधवा ने डमी पर सीपीआर का व्यावहारिक प्रदर्शन किया, जिसके पश्चात छात्राओं ने स्वयं डमी पर सीपीआर तकनीक का अभ्यास कर इसकी सही प्रक्रिया को समझा। लगभग 150 छात्राओं को सीपीआर तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. प्रतिभा कॉलानी ने अपने उद्बोधन में कहा कि आपातकालीन स्थिति में सही समय पर दी गई प्राथमिक चिकित्सा और सीपीआर किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि छात्राओं को ऐसी जीवनरक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त करना न केवल उनके व्यक्तिगत ज्ञान में वृद्धि करता है, बल्कि उन्हें समाज के प्रति अधिक जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित करता है। कार्यक्रम के दौरान मद्यनिषेध सप्ताह के अंतर्गत छात्राओं को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ भी दिलाई गई।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. पी.सी. राका, यूथ रेडक्रॉस सोसायटी, नीमच शाखा से जीवन तिवारी, साइकाइटिस्ट, तथा सुनील तिवारी, समन्वयक, यूथ रेडक्रॉस सोसायटी, नीमच सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान यूथ रेडक्रॉस सोसायटी शाखा नीमच के सचिव डॉ स्वप्निल वधवा द्वारा मद्यनिषेध सप्ताह के अंतर्गत छात्राओं को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ भी दिलाई गई।
इस अवसर पर वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. पी.सी. राका, यूथ रेडक्रॉस सोसायटी, नीमच के जीवन तिवारी (साइकाइट्रिस्ट) एवं समन्वयक सुनील तिवारी सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन डॉ. हीरसिंह राजपूत द्वारा किया गया कार्यक्रम का संयोजन यूथ रेडक्रॉस इकाई एवं एनसीसी प्रभारी डॉ. हिना हरित ने किया।