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नीमच। श्री सीताराम जाजू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के कार्यक्रम का आयोजन मनोविज्ञान विभाग द्वारा किया गया। मनोविज्ञान विभाग के सहायक अध्यापक डॉ अविनाश बिहारिया के मार्गदर्शन में लक्ष्मी पुरी, कशिश, कृष्णा, अमृता चौहान, यशस्वी शर्मा, वर्षा, अर्सिन, अलीशा, क्षिप्रा, स्वलेहा ने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता हेतु पोस्टर तैयार कर उन्हें सभी छात्राओं तथा महाविद्यालय स्टॉफ के सम्मुख प्रस्तुत किया। इस अवसर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ प्रतिभा कालानी ने चित्रों का अवलोकन करते हुए छात्राओं की चित्रात्मक अभिव्यक्तियों के बारे में कहा कि मस्तिष्क और हृदय के बीच सामंजस्य बनाने की आवश्यकता है नहीं तो हृदयाघात आज एक समस्या बन गया है। मनोविज्ञान विभाग में हुए कार्यक्रम में मनोविज्ञान की छात्रा नित्या ने बताया कि फिजिकल हेल्थ की तरह ही हमें मेंटल हेल्थ का खयाल रखना चाहिए। वंशिका ने कहा कि हमें स्वयं का मूल्य समझना चाहिए और मानसिक स्वास्थ्य देखभाल करना चाहिए। इशिता चौधरी ने कहा कि मुस्काराने से आधी समस्या हल हो जाती है। यदि मानसिक समस्या हो रही हो तो टेली मानस 14416 पर बेझिझक कॉल करें। मनोविज्ञान विभाग के डॉ बिहारिया ने बताया कि जाजू महाविद्यालय की दीवारें भी मानसिक स्वास्थ्य का संदेश देती है "मुसीबत सब पर आती है कोई बिखर जाता है, कोई निखर जाता है।", "ऐसा छात्र जो प्रश्न पूछता है वह 5 मिनट के लिए मूर्ख रहता है; लेकिन जो पूछता ही नहीं वह जिंदगी भर मूर्ख रहता है।" इन बोलती दीवारों से हमें संदेश लेना है और अपनी बात खुलकर रखना चाहिए। इस अवसर पर महाविद्यालय के डॉ देवेश सागर, डॉ हीर सिंह राजपूत, प्रो नेहा ने छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण सूत्र दिए। अंत में प्राचार्य डॉ कालानी ने छात्राओं को संक्षिप्त ध्यान कराया। |
नीमच। श्री सीताराम जाजू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के कार्यक्रम का आयोजन मनोविज्ञान विभाग द्वारा किया गया। मनोविज्ञान विभाग के सहायक अध्यापक डॉ अविनाश बिहारिया के मार्गदर्शन में लक्ष्मी पुरी, कशिश, कृष्णा, अमृता चौहान, यशस्वी शर्मा, वर्षा, अर्सिन, अलीशा, क्षिप्रा, स्वलेहा ने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता हेतु पोस्टर तैयार कर उन्हें सभी छात्राओं तथा महाविद्यालय स्टॉफ के सम्मुख प्रस्तुत किया। इस अवसर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ प्रतिभा कालानी ने चित्रों का अवलोकन करते हुए छात्राओं की चित्रात्मक अभिव्यक्तियों के बारे में कहा कि मस्तिष्क और हृदय के बीच सामंजस्य बनाने की आवश्यकता है नहीं तो हृदयाघात आज एक समस्या बन गया है।
मनोविज्ञान विभाग में हुए कार्यक्रम में मनोविज्ञान की छात्रा नित्या ने बताया कि फिजिकल हेल्थ की तरह ही हमें मेंटल हेल्थ का खयाल रखना चाहिए। वंशिका ने कहा कि हमें स्वयं का मूल्य समझना चाहिए और मानसिक स्वास्थ्य देखभाल करना चाहिए। इशिता चौधरी ने कहा कि मुस्काराने से आधी समस्या हल हो जाती है। यदि मानसिक समस्या हो रही हो तो टेली मानस 14416 पर बेझिझक कॉल करें। मनोविज्ञान विभाग के डॉ बिहारिया ने बताया कि जाजू महाविद्यालय की दीवारें भी मानसिक स्वास्थ्य का संदेश देती है
"मुसीबत सब पर आती है कोई बिखर जाता है, कोई निखर जाता है।", "ऐसा छात्र जो प्रश्न पूछता है वह 5 मिनट के लिए मूर्ख रहता है; लेकिन जो पूछता ही नहीं वह जिंदगी भर मूर्ख रहता है।" इन बोलती दीवारों से हमें संदेश लेना है और अपनी बात खुलकर रखना चाहिए। इस अवसर पर महाविद्यालय के डॉ देवेश सागर, डॉ हीर सिंह राजपूत, प्रो नेहा ने छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण सूत्र दिए। अंत में प्राचार्य डॉ कालानी ने छात्राओं को संक्षिप्त ध्यान कराया।